الفاظ alfaazsujalke

Kavita · Hindi (हिन्दी)

कल मैं दौड़ता था

Kal Main Daudta Tha

कल मैं दौड़ता था,
बिना जाने कहाँ।

आज मैं चलता हूँ,
पर जानता हूँ क्यों।

तब आवाज़ें ज़्यादा थीं,
समझ कम।

आज खामोशी भारी है,
पर दिल हल्का है।

कुछ सपने टूटे,
तो नींद टूटी।

नींद टूटी,
तो आँख खुली।

आँख खुली,
तो रास्ता दिखा।

और रास्ता दिखा,
तो खुद मिला।

कोई जश्न नहीं,
कोई एलान नहीं -

बस वक्त ने धीरे से कहा,
“चल, अब तू समझदार हो गया है।