Ghazal · Urdu (उर्दू)
टूटे हुए ख़्वाब
Toote Hue Khwab
वो जो बीते हुए लम्हें थे सुहाने, याद बनकर दिल में बस अब रह जाते
वो जो ख़्वाबों में हम साथ थे जाने, आँसुओं में बनकर अब बह जाते
तेरे लफ़्ज़ों के साये हैं बाक़ी, दिल की गहराइयों में अब भी गूँजें
तेरी छुअन की वो महक आज भी है, जैसे ख़्वाबों के परवाज़ को छू लें
वो भी क्या रातें थीं चाँदनी की, जब था साथ तेरा वो मेरा सवेरा
अब तो बस ख़ामोशी है और ग़म, टूटे ख़्वाबों का टूटा बसेरा
सूजल' की रूह अब रोती है बस, याद के उन सितारों को देखे
दिल को आवाज़ देती है ख़ामोशी, टूटे वादों की आहट को लेके