Geet · Hindi (हिन्दी)
ये गीत पहाड़ों के नाम
Ye Geet Pahadon ke Naam
ये गीत पहाड़ों के नाम,
जहाँ रहते हैं मेरे शिव-श्याम।। -(2)
चिडियों की चहचहाट से सुबह,
उन्हीं आवाजों से शाम।
वहाँ मेरा भी एक घर है,
जहाँ प्रेम, साथ, विश्वास हर है।
ये गीत पहाड़ों के नाम।। -(2)
ईश पूजन से होता दिन,
होते खेतों में काम भिन्न।
हमारा कर्मक्षेत्र ही भाग,
सर्दियों का सहारा आग।
मेहनत से नहीं हटते,
ऊंच-नीच से नहीं छटते।
ये गीत पहाड़ों के नाम।। -(2)
सुबह हो या शाम- दोपहर हो या रात,
मिल-जुलकर रहते है, करते भोजन साथ।
बड़ी ताजगी है हवाओं में,
बड़ी सादगी है दिलों में।
अब क्या गीत लिखूं तेरे नाम,
जहाँ कण-कण में रहते श्याम।
ये गीत पहाड़ों के नाम।। -(2)
ये गीत पहाड़ों के नाम।। -(2)