الفاظ alfaazsujalke

Bhajan · Hindi (हिन्दी)

शिवरात्रि का चांद

Shivratri ka Chand

शिवरात्रि का चाँद चमका, शंकर का आँचल फैला है
भस्म रमाए, जटा सजाए, रूप अनोखा जग में छाया है

त्रिशूल चमके, डमरु बोले, शिव शंकर का जयगान है
नाग लिपटे, चंद्र विराजे, कैलाश पे कैसा विहान है

गंगा की धारा, शिव के माथे, अमृत सा ये प्रवाह है
भोलेनाथ की लीला न्यारी, भक्तों के मन का सुखदाह है

कण-कण में शिव का है वास, शरणागत को देते तेज हैं
सूजल' की यही है आस, करुणा के सागर तुम महेश हैं

Chorus...
शिव शंकर शंभु, तुम ही आधार हो
दयानिधि, क्षमाशील, मेरे पालनहार हो

महाशिवरात्रि की रात सुनहरी, भक्ति की बरसेगी फुहार है
जाग उठे मन, मिले शिव दर्शन, कितनी सुंदर ये पहर है

शिव के गुण गाते रहते हैं, जीवन में आनंद अपार है
दूर करो क्लेश, दो शांति, जगजीत की यही पुकार है

Chorus...
शिव शंकर शंभु, तुम ही आधार हो
दयानिधि, क्षमाशील, मेरे पालनहार हो