Kavita · Hindi (हिन्दी)
आंगन को सजाते है
Aangan ko Sajate Hai
आओ,चलो आज आंगन को सजाते है,
इस पल को मिलकर सुनहरा बनाते है।
क्या रखा है इस लड़ने-झगडनें में,
मिलकर सब एकता गीत गाते है।
क्या छोटा-बड़ा, क्या अमीर-गरीब,.
चलो सबसे प्रेम करते और कराते है।
बोलने को तो है कि हम सब भाई-बहन,
आओ,चलो आज इसे सच कर दिखाते है।
आओ,चलो आज आंगन को सजाते है,
इस पल को मिलकर सुनहरा बनाते है।